Kalaripayattu by the Troopers of BSF at Jaipur

Kalaripayattu by the Troopers of BSF at Jaipur
On the second day 28th March 2016 of “Rajasthan Diwas Samaroh” in Jaipur there were many performances given by the Troopers of “Border Security Force” (BSF) and one of them was showcasing the art of Kalaripayattu. Kalaripayattu is a martial art which originated as a style in Kerala.

ये कैसी हैप्पी होली है?

what kind of happy holi is this
इस लेख को लिखने से पहले मैंने कई बार सोचा कि इस लेख को लिखने का फ़ायदा ज़्यादा है या नुक़सान? फ़ायदे से मेरा मतलब ये है कि क्या इस लेख को लिखने के बाद मैं इस तरह की घटनाओं में कुछ कमी देखूँगा? नुक़सान से मेरा तात्पर्य ये है कि इस लेख को पढ़ने के बाद मेरे देश की छवि और आने वाले विदेशी पर्यटकों पर इस का क्या प्रभाव होगा? ख़ैर इस नफ़े और नुक़सान की उधेड़ बुन से निकल कर मैंने इस लेख को हिंदी में लिखने का फ़ैसला किया। ये फ़ोटो धुलंडी से एक दिन पहले होली दहन के वक़्त खिंची हुई है।

ये महिला एक कनेडियन फ़ोटोग्राफ़र हैं जो भारत भ्रमण पर आई हुई हैं। इसी संदर्भ में मैं इनकी सहायता कर रहा था और इनके साथ था। इन्हें भारत में कुछ दिन हो गए हैं और इन्हें हमारा देश काफ़ी पसंद भी आ रहा था।

बात धुलंडी वाले दिन की है। मैं सुबह से ही इन्हें साथ लेकर जयपुर भ्रमण कर रहा था। हमारा दिन काफ़ी अच्छा गुज़र रहा था, इनको भारत की होली देखनी थी तो मैं इन्हें शहर ले गया। हम गाड़ी की चार दीवारी मे बंद रह कर ही खिड़की से शहर में लोगों को होली खेलते और हुड़दंग मचाते देख रहे थे और उनकी तस्वीरें खींच रहे थे। मैंने इन्हें चेता भी दिया था कि गाड़ी से बाहर निकलना ठीक नहीं रहेगा। ख़ैर, हम गाड़ी में घूमते-घूमते शहर के एक मुख्य मार्ग के एक मुख्य स्थान के सामने जा पहुँचे जहाँ होली कुछ ज़्यादा ही धूम-धाम से मनायी जा रही थी, लोग नाच रहे थे, गा रहे थे और सभी अपनी मस्ती में मस्त थे। भीड़ ज़्यादा होने की वजह से गाड़ी से फ़ोटो लेना काफ़ी कठिन साबित हो रहा था। मैं रोक पाता इस से पहले यें गाड़ी से कुछ अच्छी तस्वीरें खींचने को उतर गयीं। मैंने तुरंत फ़ैसला किया कि मुझे इनकी मदद के लिए उतरना होगा। मैं गाड़ी साइड में लगा ही रहा था कि देखा यें घबराई हुई और गुलाल में डूबी हुई गाड़ी की तरफ़ तेज़ी से आ रही हैं। उनकी शक़्ल देखते ही मैं समझ गया कि कुछ ही पल में क्या हो गया। मैंने पूछा कि क्या आप ठीक हैं, कहीं चोट तो नहीं लगी? मग़र कुछ कहे बग़ैर वें झट से गाड़ी में बैठ गयीं। मुझे भी ज़्यादा कुछ समझ ना आया और मैंने गाड़ी थोड़ी आगे कुछ सुरक्षित स्थान की ओर ले ली। कुछ देर बाद जब वें थोड़ी स्थिर अवस्था में पहुँची तब बोलीं कि जब मैं गाड़ी से उतर कर वहाँ पहुँची तो अचानक कुछ लोगों ने मुझे गुलाल लगाना शुरू कर दिया, मुझे ये चीज़ अच्छी लगी और रोमांचित कर रही थी कि तभी अचानक कुछ लोगों ने मुझे घेर लिया और बदतमीज़ी करने लगे। उसी पल मुझे तुम्हारी सलाह और ख़ुद की ग़लती का अहसास हुआ और मैं वहाँ से किसी तरह निकल के गाड़ी की ओर वापस आ गयी।

ये कुछ पल हमारा बाक़ी का दिन ख़राब करने के लिए काफ़ी थे और शायद भारत के प्रति उनका नज़रिया बदलने के लिए भी।

ये एक साधारण मनुष्य की मनोस्थिति होती है कि वो किसी भी ग़लत कार्य के लिए किसी को दोषी ठहरा के ख़ुद को संतुष्ट करे। इस घटना में मैं भी दोषी ठहराया जा सकता हूँ, इसलिए इस घटना के असली दोषी को ढूँढने का काम मैं आपको सौंपता हूँ।

1) प्रथम भावी दोषी - क्यूँकि उस जगह तो उन्हें मैं ही लेकर गया था और जानता था कि ऐसा कुछ हो भी सकता है। मगर मैंने तो पहले ही चेता दिया था कि गाड़ी से बाहर मत निकलना।

2) द्वितीय भावी दोषी - वें ख़ुद जो कि मेरी सलाह के बावजूद गाड़ी से बाहर निकलीं और उस भीड़ तक गयीं।

3) तृतीय भावी दोषी - वो लोग जिन्हें आज तक हमारा समाज यही समझाता आया है कि भीड़ का कोई नाम नहीं होता और ख़ास तौर पर होली पर नाश करके किसी भी प्रकार का हुड़दंग मचाना उनका अधिकार है।

4) चौथा भावी दोषी - हमारी रूढ़िवादी वो सोच जो कि आज भी हमें सेक्स एजुकेशन को स्कूलों में लागू करने से रोक रही है। समाज में इस विषय पर खुल के बात करना भी पाप माना जाता है। फिर भी इस तरह की रोज़ अनेकों घटनाएँ दबा दी जाती हैं और आबादी बढ़ाने की दौड़ में हम सबसे आगे निकल आते हैं।

मेरी आप से गुज़ारिश है कि आप जिसे भी दोषी पाएँ उसका नाम कृपया करके नीचे कमेंट ज़रूर करें और हाँ ये भी लिखें कि आपने उसे क्यूँ दोषी माना।

* पदमजा जी का बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इस लेख को संपादित किया।

Supermodel International 2016 "Rubaru-Fashion carnival"

Supermodel International 2016 "Rubaru-Fashion carnival"
Few Pics from Supermodel International 2016 "Rubaru-Fashion carnival" which took place today at "Grand Uniara A Heritage Hotel", Jaipur.

Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje Inaugurating "Navras".

Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje
Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje today inaugurated the 8 Days Performing Art Festival “Navras” at Jawahar Kala Kendra, Jaipur by ringing the gong. To her right is Director General, Ms. Pooja Sood and Additional Director General (Tech), Ms. Anuradha Singh. This 8 Days Performing Art Festival will present to you Theatre, Contemporary dance, Classical dance, Sufi and Fusion music. So if You are in Jaipur and free in the evenings then surely go and enjoy yourself at Jawahar Kala Kendra, Jaipur.

A Mosquito from Jaipur. .

A Mosquito from Jaipur

A mosquito can smell the carbon dioxide you exhale from about 60 to 75 feet away. That's how they find their Prey. . .

Smiling Women at Sanganer, Jaipur.

Smiling Women at Sanganer, Jaipur.

Took this shot of a Smiling village women working in a textile printing unit at Sanganer. Sanganer is a town situated 16 km south of Jaipur, Rajasthan, India. It is famous for textile printing, handmade paper industry, and for Jain temples. Sanganer prints are one of its own kind and World Famous.

A man, a goat, a newspaper and blue slippers.

A man, a goat, a newspaper and blue slippers.

A man, a goat, a newspaper and blue slippers. The morning scene captured on the street of sanganer a small town near Jaipur.

Recipe for a Beautiful Pic.

Recipe for a Beautiful Pic.

Recipe for a Beautiful Pic.

The best ingredients for a beautiful photograph is a sleeping dog, standing rikshaw, Hawa mahal in background and blue sky. After mixing all this in a frame wait for the right moment and then just click. And kaboom you will have a beautiful pic. . . :)

Lovely Contagious Smile.

I met her last year around this time only at Chaksu a small village near Jaipur. I had promised her that I will get her pic printed and will give it to her. So now it's time to fulfill that promise, I will be going back to her village in few days with the print.
If anyone is interested then they can also join me.

Happy International Working Women's Day.

Happy International Working Women's Day.
Over a few hundred years, just in the name of society, religion, power play and so on, people have created strange traditions and rules. As these rules and traditions were blindly followed by the general public, now they have become mentality. And that’s how, slowly and steadily, we are turning our world to be unfruitful.

The basic internal psychological hunger of every human is to create something. This is a basic physiological thing you will find in many books and journals. So intentionally or unintentionally every human being wants to create something and wants to prove that he is the best. Mostly, it is the acceptance by others that your creativity is the best, can give you the psychological satisfaction and break from the rat race.

But God has played a very big joke with the pride and false ego of men. Men could never get an inner satisfaction ever because they can never reach to the peak of creativity. The peak of creativity is the ability to give life, and this power is given only to women. So Males were always jealous of females cause women had the supreme power of creativity, Power of Giving Life.

So what happens when the egoistic, self-centered males understand that they just can’t ever win over women in this game? They tricked the women by implying certain rules and traditions. Men emphasised that possessing power and earning money is the supreme creativity. Men never had anything to lose but now in this rat race many women have lost the satisfaction of exuding their other forms of creativity and are now running to win or to be at par in this fake race.

If Men would have not tricked the women into this rat race of money & power, then I am sure there would have been no “International Women’s Day” originally called “International Working Women's Day” which is to celebrate women's economic, political, and social achievements. Instead, the World would have been celebrating “International Men’s Day with enthusiasm as a sympathy towards men as they can never attain the supreme satisfaction of creativity.

Many Thanks to Sarika Baheti (Di) for editing this complete article. . . . :)

Rajasthan Vidhan Sabha

 New Rajasthan Vidhan Sabha or Rajasthan Legislative Assembly
I took this shot tonight of New Rajasthan Vidhan Sabha or Rajasthan Legislative Assembly which is at Janpath, Jaipur.